दीनदयाल उपाध्याय हिंदी विद्यापीठ के उत्तर प्रदेश संयोजक बने वरिष्ठ पत्रकार कुंदन सोलंकी

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पत्रकारिता, समाजसेवा और हिंदी साहित्य के क्षेत्र में योगदान को मिली बड़ी जिम्मेदारी

झाँसी। समाज सेवा, हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार कुंदन सोलंकी को दीनदयाल उपाध्याय हिंदी विद्यापीठ, वृंदावन धाम मथुरा द्वारा उत्तर प्रदेश संयोजक मनोनीत किया गया है। उनके मनोनयन की घोषणा के बाद पत्रकारिता, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में हर्ष का माहौल है।

विद्यापीठ प्रबंधन द्वारा जारी मनोनयन पत्र में कहा गया है कि कुंदन सोलंकी ने पत्रकारिता के माध्यम से समाजहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है तथा संस्था के उद्देश्यों के प्रति सदैव समर्पित भाव से कार्य किया है। उनके इसी योगदान और सक्रिय भूमिका को देखते हुए विद्यापीठ के प्रबंधक की संस्तुति पर उन्हें उत्तर प्रदेश संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

दीनदयाल उपाध्याय हिंदी विद्यापीठ समय-समय पर हिंदी साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, समाज सेवा एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को “विद्यावाचस्पति सारस्वत सम्मान” जैसी प्रतिष्ठित उपाधियों से सम्मानित करता रहा है। अब उत्तर प्रदेश संयोजक के रूप में कुंदन सोलंकी प्रदेशभर में ऐसे प्रतिभाशाली एवं समाजहित में कार्य करने वाले व्यक्तित्वों की पहचान कर उनकी संस्तुति करेंगे, जिनका चयन सम्मान हेतु किया जाएगा।

कुंदन सोलंकी के मनोनयन को झांसी के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, पत्रकार साथियों और साहित्य प्रेमियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में हिंदी भाषा, साहित्य और सामाजिक चेतना को नई ऊर्जा मिलेगी।

जानकारों का कहना है कि दीनदयाल उपाध्याय हिंदी विद्यापीठ द्वारा दी जाने वाली उपाधियां और सम्मान देशभर में प्रतिष्ठित माने जाते हैं तथा यह संस्था हिंदी भाषा एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वरिष्ठ पत्रकार कुंदन सोलंकी का इस महत्वपूर्ण पद पर मनोनयन झांसी सहित पूरे बुंदेलखंड के लिए सम्मान और गौरव का विषय बन गया है।

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