झाँसी। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के कथित पेपर लीक प्रकरण को लेकर देशभर में उठ रहे जनाक्रोश के बीच झांसी में भी विरोध की आवाज़ बुलंद हुई। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित मशाल जुलूस से पूर्व कांग्रेस के प्रवक्ता गौरव जैन को पुलिस प्रशासन ने उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा का माहौल बन गया।

गौरव जैन ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से मशाल जुलूस निकालने की अनुमति चार दिन पूर्व प्रशासन से मांगी गई थी। उनका कहना है कि प्रारंभिक स्तर पर आश्वासन मिलने के बावजूद अंतिम समय में निषेधाज्ञा का हवाला देकर अनुमति निरस्त कर दी गई। उन्होंने इसे युवाओं की आवाज़ को दबाने का प्रयास बताते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि यह केवल एक परीक्षा का प्रश्न नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य और उनके परिश्रम से जुड़ा विषय है। गौरव जैन ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक विरोध और छात्र हितों की अनदेखी कर रही है।

हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद भी विरोध की भावना थमी नहीं। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के आवास पर छात्र एवं युवा कार्यकर्ता एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग उठाई।

इस विरोध कार्यक्रम में शहर कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी, छात्र-युवा कार्यकर्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से शाहरुख मंसूरी, कार्तिक पटेरिया, मोहम्मद आसिफ, शेखर नलवंशी, नफीस मकरानी, प्रद्युम्न सिंह, अंकित मिश्रा, दिनेश कुमार वर्मा, जीतू राजा श्रीवास, शैलेंद्र वर्मा, के.के. राय, प्रशांत वर्मा, प्रीति श्रीवास, इमाम खान, देवेंद्र यादव, विशाल वर्मा तथा जुगल किशोर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।











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