कृष्ण मोहन का नाम हाल ही में उस समय चर्चा में आया जब उन्हें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का कार्यवाहक (अंतरिम) महामंत्री बनाया गया। यह जिम्मेदारी उन्हें चंपत राय के इस्तीफे के बाद सौंपी गई है।
एक नजर में प्रोफाइल

नाम: कृष्ण मोहन
मूल निवास: हरदोई, उत्तर प्रदेश
शिक्षा: एमएससी, लखनऊ विश्वविद्यालय
पूर्व पद: अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भारतीय वन सेवा), महाराष्ट्र कैडर
संगठन: राष्ट्रीय सयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के पूर्व क्षेत्र संघचालक
वर्तमान पद: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यवाहक (अंतरिम) महामंत्री
मुख्य जिम्मेदारी: राम मंदिर ट्रस्ट का दैनिक प्रशासन, व्यवस्थाओं की निगरानी और प्रशासनिक सुधार।
कृष्ण मोहन कौन हैं?
जन्म: सितंबर 1952
मूल निवासी: चंद्रापुर गांव, शाहाबाद क्षेत्र, हरदोई (उत्तर प्रदेश)
शिक्षा: लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी
प्रारंभिक करियर: भारतीय वन सेवा में जाने से पहले करीब पांच वर्ष तक परमाणु ऊर्जा विभाग में वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया।
भारतीय वन सेवा में लंबा अनुभव
कृष्ण मोहन भारतीय वन सेवा के महाराष्ट्र कैडर के अधिकारी रहे। उन्होंने वन संरक्षण, प्रशासन और प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। लगभग चार दशक की सेवा के बाद वे अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए। प्रशासनिक अनुभव और संगठन क्षमता को उनकी प्रमुख पहचान माना जाता है।
संघ से जुड़ाव
सेवानिवृत्ति के बाद कृष्ण मोहन सामाजिक और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहे। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संघचालक भी रहे हैं। संगठन संचालन और सामाजिक समन्वय में उनके लंबे अनुभव को राम मंदिर ट्रस्ट में उनकी भूमिका का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
राम मंदिर ट्रस्ट में एंट्री
2025 में ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से उन्हें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का ट्रस्टी नियुक्त किया। वे दिवंगत ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के स्थान पर ट्रस्ट में शामिल हुए। ट्रस्ट ने इसे सामाजिक प्रतिनिधित्व को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया था।
महामंत्री की जिम्मेदारी क्यों मिली?
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले के बाद ट्रस्ट की बैठक में महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए। इसके बाद ट्रस्ट ने कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महामंत्री नियुक्त किया। वे अब ट्रस्ट के दैनिक प्रशासन, निर्णयों के क्रियान्वयन और व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे, जब तक स्थायी महामंत्री की नियुक्ति नहीं हो जाती।
जिम्मेदारी संभालते ही क्या कहा?
पदभार ग्रहण करने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होगी। रामभक्तों का विश्वास सर्वोच्च प्राथमिकता है। ट्रस्ट की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाएगा।जांच पूरी पारदर्शिता और कानून के अनुसार आगे बढ़ेगी।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य

महंत नृत्य गोपाल दास – अध्यक्ष
के. परासरण – संस्थापक ट्रस्टी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता
स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती – ट्रस्टी
स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ जी महाराज – ट्रस्टी
युगपुरुष परमानंद गिरी जी महाराज – ट्रस्टी
स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज – कोषाध्यक्ष
महंत दिनेन्द्र दास जी महाराज – ट्रस्टी
कृष्ण मोहन – ट्रस्टी (वर्तमान में कार्यवाहक महामंत्री)
डॉ. अनिल मिश्रा – ट्रस्टी (हाल ही में इस्तीफा स्वीकार)
चंपत राय – पूर्व महामंत्री (हाल ही में इस्तीफा स्वीकार)
नृपेन्द्र मिश्र (पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी) – राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष
प्रशांत लोखंडे (भारतीय प्रशासनिक सेवा) – केंद्र सरकार के प्रतिनिधि (पदेन सदस्य)
संजय प्रसाद (भारतीय प्रशासनिक सेवा) – उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि (पदेन सदस्य)
शशांक त्रिपाठी – जिलाधिकारी, अयोध्या (पदेन सदस्य)
कामेश्वर चौपाल – पूर्व ट्रस्टी (उनके निधन के बाद उनके स्थान पर कृष्ण मोहन को ट्रस्टी बनाया गया था)












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