ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था से विशेषज्ञों का मिलेगा मार्गदर्शन, डिजिटल स्टूडियो के जरिए शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
झांसी। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन और सहयोग से शुरू की जा रही इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्राओं को विद्यालय परिसर में ही बेहतर शैक्षणिक संसाधन और विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।

कस्तूरबा विद्यालय आवासीय विद्यालय हैं, जहां छात्राएं हॉस्टल में रहकर अपनी शिक्षा ग्रहण करती हैं। छात्राओं के आवागमन की समस्या तथा विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा ऑनलाइन कोचिंग प्रणाली शुरू की गई है। इसके माध्यम से छात्राएं अपने विद्यालय में रहते हुए ही ऑनलाइन माध्यम से विशेषज्ञों से शिक्षा और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगी।

ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के सात स्थायी शिक्षकों को इस व्यवस्था से जोड़ा गया है। वहीं विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के शिक्षक तथा प्रशासनिक अधिकारी गेस्ट शिक्षक के रूप में छात्राओं को विषय विशेषज्ञता और अपने अनुभव के आधार पर मार्गदर्शन देंगे। इससे छात्राओं को नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर से संबंधित उपयोगी जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी।

शैक्षणिक व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए एकेडमिक कार्यों हेतु विशेष टीम का गठन भी किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालय में डिजिटल स्टूडियो का संचालन किया जा रहा है, जिसके लिए जिलाधिकारी की ओर से अनुदान उपलब्ध कराया गया है। इस डिजिटल स्टूडियो के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं एवं शिक्षण सामग्री को बेहतर तरीके से छात्राओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए स्पीकर, माइक्रोफोन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आवश्यकता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी की ओर से भी सहयोग का आश्वासन दिया गया है। इसके लिए अनुदान की प्रक्रिया भी प्रगतिशील है। इससे डिजिटल शिक्षण व्यवस्था को तकनीकी रूप से और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गौड़ द्वारा शुरू की गई यह पहल कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ शिक्षकों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर छात्राओं को उनके आवासीय विद्यालय में ही गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

यह पहल छात्राओं को डिजिटल शिक्षा और आधुनिक शिक्षण पद्धति से जोड़ने के साथ उनके आत्मविश्वास और शैक्षणिक क्षमताओं को विकसित करने में भी सहायक हो सकती है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं के लिए यह व्यवस्था उच्च शिक्षा एवं बेहतर करियर के नए अवसरों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

बेसिक शिक्षा विभाग की इस पहल को जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा दिए जा रहे सहयोग और प्रोत्साहन से और मजबूती मिल रही है। प्रशासन और शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयास से कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं को आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में सकारात्मक वातावरण तैयार हो रहा है।











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