झाँसी। एक वित्तीय सलाहकार कंपनी के संचालक और कथित तौर पर भू-माफिया के भाई के खिलाफ ₹10.50 लाख की धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। झांसी के अधिवक्ता (एडवोकेट) अभिमन्यु तिवारी ने आरोपी पर पूर्व नियोजित रणनीति के तहत धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। झांसी के स्थाई निवासी वर्तमान इंदौर मध्य प्रदेश शिकायतकर्ता एडवोकेट अभिमन्यु तिवारी के अनुसार, फतेहपुर निवासी आरोपी के साथ उनके पारिवारिक और व्यावसायिक संबंध थे। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने उनसे ₹10.50 लाख की भारी-भरकम राशि उधार ली थी।उधार ली गई रकम को चुकाने के लिए आरोपी ने अधिवक्ता को अपने इंडियन बैंक फतेहपुर के खाते के चार चेक जारी किए थे। लेकिन जब इन चेकों को तय तारीख पर बैंक में लगाया गया, तो बैंक ने उन्हें “Payment Stopped by Drawer” (खाताधारक द्वारा भुगतान रोका गया) की टिप्पणी के साथ चेक बाउंस हो गए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी की नीयत शुरू से ही पैसे वापस करने की नहीं थी। उसने एक सोची-समझी रणनीति के तहत पहले चेक दिए और बाद में खुद ही बैंक से उनका भुगतान रुकवा दिया, जो कि सीधे तौर पर विश्वासघात और धोखाधड़ी का मामला है। अधिवक्ता अभिमन्यु तिवारी का कहना है कि चेक बाउंस होने के बाद जब मैंने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसने बातचीत बंद कर दी। इसके बाद मैंने उसे विधिक (लीगल) नोटिस भी भेजा जो आरोपी की तमील हो गया। अधिवक्ता का कहना कि उसके पास आरोपी के खिलाफ पूरे साक्ष्य मौजूद है व इसके सभी भाइयों पर कई आपराधिक मुकदमे फतेहपुर जनपद में दर्ज है। जिनमें यूपी गैंगस्टर एक्ट, अपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, 138 एनआई एक्ट बिजली चोरी जैसे संगीन अपराधों में मामले पंजीकृत है।
ये लोग आम लोगों से आदतन किसी न किसी बहाने से पैसा लेकर हड़पते है। पीड़ित अधिवक्ता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी मोहम्मद मुस्तफीक सिद्दीकी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत धोखाधड़ी और अन्य सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कराने की गुहार लगाई है।इस पूरे मामले पर समाचार लिखे जाने तक आरोपी पक्ष या उनकी कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। पुलिस प्रशासन ने शिकायत पत्र मिलने की पुष्टि की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











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