झाँसी। समाज में बढ़ते अंतरधार्मिक विवाद, धर्मांतरण और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर जनजागरण की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए ‘हिंदू बेटी बचाओ संघर्ष समिति, झाँसी’ ने 21 अप्रैल को महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की है। समिति के अनुसार, हाल के वर्षों में विभिन्न स्थानों पर ऐसे प्रकरण सामने आए हैं, जिनमें पहचान छिपाकर या भ्रामक जानकारी देकर संबंध स्थापित करने के आरोप लगे हैं। इन मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग भी उठाई गई है।

समिति ने अपने वक्तव्य में कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों में यह चिंता व्यक्त की जा रही है कि कुछ संगठित प्रयासों के माध्यम से युवतियों को प्रभावित या भ्रमित करने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनसे पीड़ितों को मानसिक और सामाजिक क्षति उठानी पड़ती है। ऐसे में समाज को जागरूक करना और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। समिति ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की जबरदस्ती, छल या अवैध गतिविधि कानूनन दंडनीय है और इसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
इसी उद्देश्य से 21 अप्रैल, मंगलवार को मुक्ताकाशी मंच पर एक विशाल महापंचायत का आयोजन प्रस्तावित है। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना, बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना और इस विषय पर व्यापक जनसंवाद स्थापित करना बताया गया है। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, बीते समय में सामने आए कई मामलों ने इस विषय को गंभीर सामाजिक चिंता का विषय बना दिया है।
महापंचायत में जिले के सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, संत-महात्मा, महिला संगठन और बड़ी संख्या में आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान जागरूकता अभियान को और तेज करने, कानूनी उपायों पर चर्चा करने तथा सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
समिति ने सभी जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे इस महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर समाज और संस्कृति की रक्षा के इस अभियान को सशक्त बनाएं। आयोजकों का कहना है कि सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों और महिलाओं के सम्मान की रक्षा हेतु सामूहिक प्रयास ही समय की आवश्यकता है। इस अवसर पर वंदना पुरवार, सुनीता सोनी, रंजना उपाध्याय, संगीता शर्मा, पुरुकेश अमरया, जयदीप खरे, अजय पुरवार, दीपेंद्र राजावत, धर्मेंद्र श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



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