रूस के तकनीकी सहयोग से बनेंगे ड्रोन, युवाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार का अवसर

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में तकनीकी शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में अत्याधुनिक ड्रोन (UAV) लैब की स्थापना की तैयारी की जा रही है। यह परियोजना भारत और रूस के बीच हुए तकनीकी सहयोग के तहत विकसित की जाएगी, जिससे राज्य के युवाओं को नई तकनीक सीखने और रोजगार पाने के अवसर मिलेंगे।

इस ड्रोन लैब में छात्रों को ड्रोन डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, कृषि, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और सर्वेक्षण जैसे क्षेत्रों में ड्रोन के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ड्रोन तकनीक रोजगार का बड़ा माध्यम बनेगी और इस पहल से प्रदेश के युवाओं को प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह लैब अत्याधुनिक उपकरणों और सॉफ्टवेयर से लैस होगी, जिससे छात्र व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे। इसके माध्यम से स्टार्टअप संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा और छात्र अपने इनोवेशन को विकसित कर सकेंगे। सरकार की मंशा है कि उत्तर प्रदेश को तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाए।

इस पहल को “नए भारत के डिजिटल और टेक्नोलॉजी आधारित विकास” की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इस तरह की परियोजनाएं प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों में भी शुरू की जा सकती हैं, जिससे व्यापक स्तर पर युवाओं को लाभ मिल सके।

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