झाँसी/नई दिल्ली। देश में स्वर्णकारों, व्यापारियों और छोटे दुकानदारों के विरुद्ध बढ़ते अपराधों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कश्मीरा सिंह राजपूत ने सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों में गैंगस्टरवाद बेलगाम होता जा रहा है और आम नागरिक, विशेषकर स्वर्ण व्यवसायी, स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हत्या, लूट, डकैती, चोरी और फिरौती की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं। अपराधी खुलेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और कानून या पुलिस का कोई भय उनमें दिखाई नहीं देता। जो व्यापारी आवाज़ उठाने या शिकायत करने का साहस करता है, उसे जान का ख़तरा बना दिया जाता है। यह स्थिति शर्मनाक और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक है।

कश्मीरा सिंह राजपूत ने कहा कि स्वर्णकारों और स्वर्ण व्यवसायियों के समक्ष आज जीवन और व्यवसाय दोनों की सुरक्षा का संकट खड़ा है। बिगड़ते हालातों के चलते अनेक व्यापारी अपना कारोबार बंद करने को विवश हो रहे हैं। दुखद तथ्य यह भी है कि अनेक मामलों में अपराधी पकड़े नहीं जाते; और यदि पकड़े भी जाते हैं तो लूटे गए सामान की बरामदगी प्रायः नहीं हो पाती। पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा नहीं मिलता और दोषियों को दंड भी दुर्लभ हो गया है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि देश में उग्रवाद के काले बादल कठिन संघर्षों के बाद छंटे थे, किंतु वर्तमान परिदृश्य में वैसी ही स्थितियां पुनः उभरती दिखाई दे रही हैं। “अधिकारी और जनप्रतिनिधि सुरक्षा घेरे में चलते हैं, किंतु आम नागरिकों की सुरक्षा का उत्तरदायित्व कौन लेगा?” यह प्रश्न आज हर व्यापारी पूछ रहा है।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी बताया गया कि अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ शीघ्र ही सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली जाकर देश के गृह मंत्री अमित शाह से भेंट करेगा। प्रतिनिधिमंडल देश में स्वर्णकारों, व्यापारियों और दुकानदारों के विरुद्ध बढ़ती हिंसा तथा कानूनी शिथिलता पर गंभीर और ठोस चर्चा करेगा तथा तत्काल सुरक्षा उपायों की मांग रखेगा।
अंत में संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केंद्र और राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, अपराधियों पर कठोरतम कार्रवाई करें और पीड़ितों को न्याय व संरक्षण प्रदान करें ताकि देश का व्यापारी वर्ग भयमुक्त होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सके।

इसी विषय पर हमारे संवाददाता द्वारा बुंदेलखंड के पदाधिकारियों से बात की गई जिसमें बुंदेलखंड प्रभारी राघव वर्मा ने कहा “बुंदेलखंड ही नहीं, पूरे देश में स्वर्णकार और व्यापारी भय के साए में जी रहे हैं। संगठित अपराध इस कदर हावी हो चुका है कि अब यह केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक आपातकाल बन गई है। यदि सरकार ने तत्काल ठोस और सख़्त कदम नहीं उठाए, तो व्यापारिक ढांचा पूरी तरह चरमरा जाएगा।”
वहीं जिलाध्यक्ष झाँसी राजेंद्र सोनी ने कहा “झांसी सहित आसपास के क्षेत्रों में स्वर्णकारों पर लगातार हो रहे हमले अत्यंत चिंताजनक हैं। व्यापारी दिन में दुकान खोलते समय और रात में घर लौटते समय डरता है। अपराधियों में पुलिस का भय समाप्त हो चुका है। प्रशासन को चाहिए कि स्वर्ण व्यवसायियों को विशेष सुरक्षा प्रदान करे, अन्यथा हालात बेकाबू हो जाएंगे।”
आगे कोषाध्यक्ष महेंद्र सोनी ने कहा “लूट और हत्याओं में जिन व्यापारियों की जान जाती है, उनके परिवार पूरी तरह टूट जाते हैं। न तो उन्हें मुआवजा मिलता है और न ही न्याय। कई मामलों में अपराधी पकड़े ही नहीं जाते। यह व्यवस्था की असफलता है। स्वर्णकार संघ मांग करता है कि पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और अपराधियों को कठोरतम सज़ा दी जाए।












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