नई दिल्ली। भारत में हवाई यात्रा को नई उड़ान देने की दिशा में अदानी समूह ने एक ऐतिहासिक घोषणा की है। समूह ने वर्ष 2030 तक देशभर के एयरपोर्टों में 15 बिलियन डॉलर (लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये) के विशाल निवेश का निर्णय लिया है। इस निवेश का उद्देश्य भारतीय एयरपोर्टों को दुनिया के शीर्ष वर्ल्ड-क्लास एविएशन हब के रूप में विकसित करना है।

एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में होगा बड़ा बदलाव– अदानी समूह के अनुसार, आगामी वर्षों में उनकी प्राथमिकता मौजूदा एयरपोर्टों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करना और उन्हें यात्रियों के अनुकूल बनाना है। इसके तहत टर्मिनल भवनों का विस्तार, आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की स्थापना, रनवे और टैक्सीवे का विस्तार एवं अपग्रेडेशन, बायोमेट्रिक आधारित ‘डिजिटल ट्रैवल सिस्टम’, कार्गो टर्मिनल की क्षमता में बढ़ोतरी जैसे बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

7 प्रमुख एयरपोर्टों पर अधिक फोकस– अदानी समूह वर्तमान में भारत के कई प्रमुख एयरपोर्टों का संचालन करता है, जिनमें मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर, मेंगलुरु, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी शामिल हैं। इन सभी को अत्याधुनिक, व्यापक और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाया जाएगा। समूह का कहना है कि मुंबई एयरपोर्ट का आधुनिकीकरण उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है।

यात्रियों के लिए क्या बदलाव होंगे?– निवेश के बाद यात्रियों को कई नई और सुविधाजनक सेवाएँ मिल सकती हैं जैसे प्रतीक्षालयों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ, तेज सिक्योरिटी चेक और ‘कॉन्टैक्टलेस’ बोर्डिंग, बढ़ी हुई पार्किंग क्षमता, बड़े और हाई-टेक ड्यूटी-फ्री जोन, बेहतर फूड कोर्ट, बिज़नेस लाउंज और आरामदायक बैठने की व्यवस्था आदि इन परिवर्तनों के बाद भारत के एयरपोर्टों का अनुभव यात्रियों के लिए और भी सहज तथा प्रीमियम होगा।

अर्थव्यवस्था और रोजगार पर बड़ा असर– एविएशन सेक्टर में इतने बड़े पैमाने पर निवेश से लाखों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार, पर्यटन क्षेत्र को जबरदस्त प्रोत्साहन, आयात-निर्यात के लिए कार्गो क्षमता में भारी वृद्धि, एयरपोर्ट शहरों के विकास में तेजी जैसे सकारात्मक प्रभाव सामने आएंगे।

एविएशन सेक्टर में भारत का बढ़ता दबदबा– अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट बन चुका है। यात्रियों की संख्या आने वाले वर्षों में दोगुनी होने की उम्मीद है। ऐसे में अदानी समूह का यह निवेश भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को और मजबूत करेगा।

अदानी समूह का विज़न 2030– अदानी एयरपोर्ट्स के CEO ने कहा कि वर्ष 2030 तक भारत के प्रमुख शहरों में स्थित एयरपोर्ट को “फ्यूचर-रेडी एयरपोर्ट” के रूप में तैयार किया जाएगा, जहां तकनीक और यात्री सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
(नोटः समस्त फोटो साभार सोशल मीडिया/साइट्स)











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