उत्तर प्रदेश सरकार ने 27–28 दिसंबर 2025 को लखनऊ के पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का दो दिवसीय सम्मेलन “पुलिस मंथन 2025” आयोजित किया। इसका उद्देश्य लोग-केंद्रित पुलिसिंग, आधुनिक तकनीक-समर्थ व्यवस्था, और कानून-व्यवस्था से जुड़े नए सुरक्षा चुनौतियों पर रणनीति तैयार करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को इसका शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री को कार्यक्रम में परंपरागत गार्ड ऑफ़ ऑनर के साथ स्वागत किया गया, तथा पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका अभिनंदन किया।

मुख्य विषय और सत्र: इस सम्मेलन में कुल 11 प्रमुख थीमैटिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और आईपीएस अधिकारी भाग लेंगे। इनमें शामिल विषय हैं:
बीट पुलिसिंग (स्थानीय स्तर पर प्रभावी गश्त और संपर्क)
महिला-बच्चों के खिलाफ अपराध, मानव तस्करीथाने प्रबंधन और उसकी उन्नति
साइबर अपराध और तकनीकी चुनौतियाँप्रमोशन, प्रशिक्षण, मानव संसाधन विकास
न्याय प्रणाली, फोरेंसिक, CCTNS 2.0आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, सीमांत इलाकों की चुनौतियाँ
आतंकवाद, नारकोटिक्स, संगठित अपराध और बेस्ट प्रैक्टिसेज़ तथा नवाचार पर भी अलग सत्र होगा।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि इन सत्रों का लक्ष्य भविष्य की पुलिसिंग नीति तैयार करना, रियल-टाइम समस्याओं के समाधान पर विचार करना और आम जनता की सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाना है।

नई तकनीक और पहल: सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘YAKSH’ नामक एआई-आधारित ऐप भी लॉन्च किया, जो पुलिस को माफिया, अपराधियों और संवेदनशील इलाकों से जुड़ी जानकारी एक ही क्लिक पर उपलब्ध करवाएगा। यह पुलिसिंग को डेटा-संचालित, तेज़ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्य घोषणाएँ और फोकसः मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सम्मेलन में थानेदारों और उच्च स्तर पुलिस प्रबंधन के लिए मेरिट-आधारित तैनाती पर बल दिया ताकि स्थानीय स्तर पर सेवा गुणवत्ता बेहतर हो सके। सम्मेलन का मुख्य फोकस “आमजन-केंद्रित, तकनीक-समर्थ, जबाबदेह पुलिसिंग” है, जिससे क्राइम और अपराधी नियंत्रण बेहतर किया जा सके।
सम्मेलन का महत्वः यह पहला कार्यक्रम है जिसमें परंपरागत पुलिस सप्ताह की जगह एक रणनीति-आधारित सम्मेलन रखा गया है, ताकि पुलिसिंग की नीति और रोज़मर्रा की चुनौतियों पर ब्रीफिंग, अध्ययन और निर्णय-निर्माण एक मंच पर हो सके। मुख्यमंत्री दोनों दिनों (27 और 28 दिसंबर) सम्मिलित रहेंगे और निष्कर्ष/निर्देश देंगे।










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