सोलर पैनल से ऊर्जा क्रांति: भारत में 91,000 से अधिक सरकारी छतों पर सोलर पैनल स्थापित

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नई दिल्ली। देश में स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक महत्वाकांक्षी पहल के तहत 91,574 से अधिक सरकारी भवनों की खाली छतों पर सोलर पैनल लगवाए हैं। इन पैनलों की कुल क्षमता लगभग 1,825.62 मेगावॉट बताई गई है।

पहल का उद्देश्य और दायरा– यह कदम पीएम-सूर्य घर योजना के अंतर्गत लिया गया है, जिसका उद्देश्य सरकारी भवनों तथा निजी घरों दोनों की छतों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है। सरकार ने सभी मंत्रालयों और विभागों से कहा है कि वे अपने अधीन आने वाले भवनों पर सौर पैनल लगाने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरे करें।

फायदे: स्वच्छ ऊर्जा, लागत बचत और पर्यावरण– इस पहल के तहत सोलर पैनल लगने से सरकारी भवनों को दी जाने वाली बिजली की लागत कम होगी, जिससे सार्वजनिक व्यय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। साथ ही, सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और पारंपरिक जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटेगी। यह कदम भारत की पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं को भी सुदृढ़ करता है – ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ी छलांग होगी।

निजी घरों और आम जनता की भागीदारी भी बढ़ी– हालाँकि यह रिपोर्ट सरकारी भवनों पर केंद्रित है, लेकिन पीएम-सूर्य घर योजना के तहत निजी घरों के लिए भी सब्सिडी और प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। सरकार ने घरेलू उपयोग के लिए सोलर पैनल इंस्टॉलेशन पर सब्सिडी, आसान ऋण और छत की मंजूरी जैसी सुविधाएँ प्रदान की हैं, जिससे आम लोग भी सोलर ऊर्जा अपना पाएँ।

आगे की संभावनायें– विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की पहल से न सिर्फ सरकारी भवनों बल्कि निजी घरों, स्कूलों, अस्पतालों व अन्य सार्वजनिक भवनों में सौर ऊर्जा की पहुँच बढ़ेगी। इससे ऊर्जा संकट, बिजली बंदी, प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव आदि समस्याएँ कम हो सकती हैं। साथ ही, जब कई भवनों की छतों पर सौर पैनल लग जाएंगे, तो यह एक बड़े स्तर पर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम होगा – जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा बेहतर होगी।

समस्त फोटो साभार सोशल साइट्स

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