जिला महिला अस्पताल में मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता कार्यशाला का हुआ आयोजन

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झाँसी। मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता कार्यशालाएँ (Menstrual Hygiene Awareness Workshops) लड़कियों और महिलाओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता, स्वास्थ्य और मिथकों के बारे में शिक्षित करती हैं, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य शिक्षा, सैनिटरी नैपकिन की उपलब्धता, स्वच्छ शौचालय और पानी तक पहुँच सुनिश्चित करना है, ताकि वे शर्म, भेदभाव और असुरक्षित प्रथाओं को दूर कर सकें, गरिमापूर्ण जीवन जी सकें और शिक्षा व समाज में पूरी तरह भाग ले सकें। इन कार्यशालाओं में संतुलित आहार, पर्याप्त आराम, सही सैनिटरी उत्पादों का उपयोग और सुरक्षित निपटान के तरीकों पर जोर दिया जाता है। उक्त उद्गार डॉ कुसुम पाण्डेय (धर्मपत्नी मुख्य चिकित्साधिकारी झांसी), स्वास्थ्य प्रभारी आकांक्षा समिति झांसी ने जिला महिला अस्पताल में मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए।

अदिति राकेश श्रीवास्त संस्थापक यूवीप्रो ने जिला महिला अस्पताल में आयोजित कार्यशाला में मासिक धर्म के दौरान स्वास्थ्य के महत्व और उचित मासिक धर्म स्वच्छता उत्पादों के उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया। इस सत्र में उन्होंने महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं को रोकने के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और त्वचा के अनुकूल सैनिटरी उत्पादों की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए जानकारी दी। उन्होंने कार्यशाला की उपयोगिता सिद्ध करने के लिए अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया।

कार्यशाला के दौरान युवीप्रो की संस्थापक अदिति राकेश श्रीवास्तव ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए बाजार में आमतौर पर उपलब्ध पारंपरिक प्लास्टिक-आधारित पैड की तुलना में ऑर्गेनिक और स्वच्छ सैनिटरी नैपकिन के उपयोग के फायदों पर जोर दिया। कार्यशाला में उन्होंने बताया कि ऑर्गेनिक सैनिटरी नैपकिन का एक लाइव प्रदर्शन भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें उनकी संरचना, फायदे और वे कैसे सुरक्षित, अधिक आरामदायक और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार हैं। अदिति ने यह भी बताया कि ये ऑर्गेनिक सैनिटरी पैड किफायती, उच्च गुणवत्ता वाले और आसानी से उपलब्ध हैं।

जागरूकता अभियान के तहत ऑर्गेनिक सैनिटरी पैड के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और प्रोडक्ट पर सही फीडबैक पाने के लिए नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल के अन्य सदस्यों के बीच मुफ्त में सैनिटरी पैड वितरित किए गए। वर्कशॉप को डॉ प्रियंका और डॉ अंशु की बहुमूल्य जानकारियों से और भी बेहतर बनाया गया, जिन्होंने सही प्रकार के सैनिटरी पैड चुनने के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कम गुणवत्ता वाले प्लास्टिक-आधारित सैनिटरी उत्पादों के लंबे समय तक उपयोग के खिलाफ चेतावनी दी और बताया कि इनसे कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

इस जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला डॉ राज नारायण, चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट (CMS), जिला महिला अस्पताल के मार्गदर्शन में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करना है। कार्यशाला में डॉ प्रियंका चौधरी (महिला रोग विशेषज्ञ), डॉ अंशु यादव (महिला रोग विशेषज्ञ) सहित चीफ वार्डन, स्टाफ नर्स, तीमारदारों के परिजन एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।

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