नई दिल्ली। देश में जल पर्यटन (Water Tourism) को बढ़ावा देने के लिए सरकार और विभिन्न राज्यों द्वारा किए जा रहे प्रयासों का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। वर्ष 2024 में घरेलू पर्यटन ने 2023 की तुलना में 17.5 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। यह जानकारी एक हालिया रिपोर्ट में सामने आई है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों में पर्यटन से जुड़े आँकड़ों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश देश का सबसे लोकप्रिय पर्यटन राज्य बनकर उभरा है। धार्मिक, सांस्कृतिक और नदी आधारित पर्यटन की अत्यधिक संभावनाओं के कारण उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों — विशेषकर वाराणसी, प्रयागराज और मथुरा-वृंदावन — में पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल देखने को मिला है। देश में घाटों, नदियों और जल-आधारित गतिविधियों जैसे क्रूज, वाटर स्पोर्ट्स, बोट सफारी और रिवरफ्रंट डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई नई परियोजनाओं पर काम कर रही हैं। गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी पर चल रही रिवर क्रूज सेवाओं ने भी पर्यटकों का आकर्षण बढ़ाया है।

पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि जल पर्यटन के विस्तार से न सिर्फ यात्राओं में विविधता आई है, बल्कि इससे रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़े हैं। रिपोर्ट यह भी बताती है कि घरेलू पर्यटक अब सिर्फ धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एडवेंचर और नेचर-आधारित जल पर्यटन को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, आने वाले वर्षों में जल पर्यटन को लेकर और अधिक निवेश होने की संभावना है। माना जा रहा है कि 2026 तक देश में वाटर-टूरिज्म सेक्टर का आकार दोगुना हो सकता है।

पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकार अगर इसी तरह नदी किनारे और झीलों के आस-पास सुविधाओं का विकास करती रही, तो भारत एशिया के प्रमुख जल-पर्यटन केंद्रों में से एक बन सकता है।











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