80 वर्षों की शैक्षणिक विरासत अब झाँसी में: जयपुरिया स्कूल्स और घनाराम ग्रुप का बड़ा कदम, आधुनिक शिक्षा का खुलेगा नया द्वार

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झाँसी। जनपद के शैक्षणिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश की शीर्ष-रैंक प्राप्त K-12 स्कूल श्रृंखला सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल्स अब झाँसी में अपनी शाखा शुरू करने जा रही है। इस प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान का झाँसी में आगमन घनाराम ग्रुप के सहयोग से हो रहा है, जिसे शहर में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। स्कूल प्रबंधन के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जनवरी 2026 से प्रारंभ होगी, जबकि विद्यालय का संचालन अप्रैल 2026 से शुरू किए जाने की तैयारी है।

नई शाखा के माध्यम से झाँसी और बुंदेलखंड क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और संस्कार आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। विद्यालय का परिसर लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जहां समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए उच्च स्तरीय शैक्षणिक ढांचा, खेल सुविधाएं, रचनात्मक गतिविधियाँ और नवाचार आधारित शिक्षण प्रणाली विकसित की जाएगी।

देशभर में मजबूत नेटवर्क, 55 हजार से अधिक विद्यार्थी जुड़े– सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल्स का देश में एक सशक्त और विश्वसनीय शैक्षणिक नेटवर्क स्थापित हो चुका है। जानकारी के अनुसार यह समूह 6 राज्यों के 51 शहरों में फैले 60 से अधिक स्कूलों का संचालन कर रहा है। इस नेटवर्क से 55,000 से अधिक छात्र और 3,000 से अधिक शिक्षक जुड़े हुए हैं। संस्था का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों में सोच, समझ, चरित्र निर्माण, अनुशासन, संस्कार और जीवन कौशल विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है।

1945 में हुई स्थापना, आज भी स्पष्ट है संस्थागत दृष्टि- सेठ एम.आर. जयपुरिया ग्रुप की स्थापना वर्ष 1945 में हुई थी। पिछले लगभग 8 दशकों से यह संस्था शैक्षणिक उत्कृष्टता, मजबूत मूल्यों और भविष्य उन्मुख शिक्षण पद्धति के लिए जानी जाती रही है। संस्था का दृष्टिकोण आज भी उतना ही स्पष्ट बताया गया है- “शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि जीवन के लिए बच्चों को तैयार करना है।”

घनाराम ग्रुप के लिए शिक्षा क्षेत्र में औपचारिक प्रवेश- झाँसी में इस विद्यालय की स्थापना को घनाराम ग्रुप की शिक्षा क्षेत्र में औपचारिक शुरुआत के रूप में भी देखा जा रहा है। बताया गया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता को देखते हुए यह पहल भविष्य में विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी।

पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर सिंह बोले माता-पिता के आशीर्वाद से बना मुकाम- इस अवसर पर पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर सिंह ने भावुक शब्दों में कहा कि जीवन में उन्होंने जो भी उपलब्धियाँ हासिल की हैं, वह उनके माता-पिता के आशीर्वाद और संस्कारों की देन हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने हमेशा उन्हें संस्कारों के साथ कार्य करने का उद्देश्य दिया और ईमानदारी, कर्मठता व समाज के प्रति जिम्मेदारी की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक अर्थ वही है, जो बच्चों में ज्ञान के साथ-साथ मानवीय मूल्य और संस्कार भी विकसित करे।

पहले 100 विद्यार्थियों को मात्र 501 रुपये में प्रवेश- बिशन सिंह की घोषणा- कार्यक्रम के दौरान बिशन सिंह ने एक अहम घोषणा करते हुए बताया कि झाँसी में सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल्स में पहले 100 विद्यार्थियों को मात्र 501 रुपये में प्रवेश की सुविधा दी जाएगी। इस घोषणा के बाद अभिभावकों के बीच विद्यालय के प्रति उत्साह और आकर्षण बढ़ता दिखाई दिया। लोगों का कहना है कि यह कदम शिक्षा को आमजन के लिए और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

झाँसी की शिक्षा को मिलेगा नया आयाम- सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल्स का झाँसी आगमन शहर के लिए गुणवत्ता और आधुनिक शिक्षा का नया केंद्र बनने की ओर संकेत करता है। माना जा रहा है कि यह स्कूल विद्यार्थियों को न केवल श्रेष्ठ शिक्षा देगा, बल्कि उन्हें प्रतियोगी युग के लिए सक्षम बनाते हुए संस्कार और समग्र व्यक्तित्व विकास की दिशा में भी आगे बढ़ाएगा। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि आने वाले समय में इस स्कूल के माध्यम से झाँसी के बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराएंगे और शहर की शिक्षा व्यवस्था को नई पहचान मिलेगी।

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