श्रीमद भागवत कथा के पंचम दिवस में गोवर्धन लीला, माखन चोरी एवं पूतना उद्धार का हुआ विस्तृत वर्णन
झाँसी। हंसारी स्थित सिद्धेश्वर बालाजी धाम मंदिर ट्रस्ट, राय परिवार हंसारी, कलचुरी समाज एवं भूतपूर्व सैनिक संगठन के संयुक्त तत्वावधान में चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के पंचम दिवस की कथा में श्रद्धालु प्रभु प्रेम और भक्ति भाव से सराबोर दिखाई दिए। कथा व्यास पं. जितेन्द्र भारद्वाज ने भगवान श्रीकृष्ण की मोहक बाल लीलाओं माखन चोरी, गोवर्धन पूजा और पूतना वध का अत्यंत सरस, भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक वर्णन किया।
कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य केवल बुराई से ही राक्षस नहीं बनता, बल्कि अहंकार भी उसे पतन की ओर ले जाता है। उन्होंने बताया कि “सतोगुणी व्यक्ति हमें ऊपर उठाते हैं जबकि तमोगुणी व्यक्ति जीवन को रसातल की ओर ले जाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि जिसकी दृष्टि शुभ होती है, उसकी सृष्टि भी सुंदर होती है। पूतना उद्धार प्रसंग सुनाते हुए पं. भारद्वाज ने बताया कि पूतना भले ही बालक कृष्ण का वध करने आई थी, परंतु भगवान ने उसके मातृत्व भाव को स्वीकार करते हुए उसे मोक्ष प्रदान किया। यही भगवान श्रीकृष्ण की करुणा का अद्वितीय उदाहरण है।

गोवर्धन पूजा की कथा में उन्होंने बताया कि किस प्रकार भगवान ने देवेंद्र का घमंड तोड़ा और पर्वत पर स्थित वृक्षों, वनस्पतियों तथा जीवधारियों के पूजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कृष्ण लीला केवल चमत्कारों का वर्णन नहीं, बल्कि जीवन और समाज को दिशा देने वाली दिव्य शिक्षा है।
कथा के प्रारंभ में मुख्य यजमान नितेंद्र राय फौजी, सीमा अमित राय, हेमन्त राय, प्रशांत राय, धर्मेंद्र राय, मधुर राय और कृष्ण कुमार राय ने कथा व्यास का माल्यार्पण कर श्रीमद भागवत पुराण की आरती उतारी।कार्यक्रम में पार्षद राखी नितेंद्र सिंह परिहार, पार्षद महेंद्र ग्वाला, संतोष राय प्रधान, राजेंद्र राय, कृष्ण बिहारी राय, भुजबल राय, करनपाल, लाल सिंह परिहार, सियाराम यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।अंत में नितेंद्र राय फौजी ने सभी अतिथियों, भक्तों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और कथा श्रवण के माध्यम से भक्तिगंगा को आत्मसात करने के लिए सभी से पुनः उपस्थित होने का आग्रह किया।












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