झाँसी। डकैती और रंगदारी के गंभीर मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण यादव ने गुरुवार सुबह अचानक न्यायालय में उपस्थित होकर सरेंडर कर दिया। बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक बीते 27 दिनों से फरार थे और पुलिस लगातार उनकी तलाश में दबिश दे रही थी।

दरअसल, दीप नारायण यादव को पहले 16 दिसंबर को डकैती के मामले में न्यायालय में आत्मसमर्पण करना था, लेकिन उस दिन कोर्ट परिसर में पुलिस की सख्त सतर्कता के चलते वे उपस्थित नहीं हो सके। इसके बाद गुरुवार सुबह उन्होंने पुलिस को चकमा देते हुए कोर्ट खुलने से पहले ही पहुंचकर न्यायाधीश के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस को इसकी भनक तब लगी, जब सरेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बीते 22 दिनों से फरार घोषित पूर्व विधायक की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही थी। उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी। डीएम के आदेश पर पुलिस ने 13 दिसंबर को दीप नारायण यादव की करीब 20 करोड़ रुपये की तीन संपत्तियों को कुर्क किया था। इनमें कुरगुवांजी स्थित प्लॉट, भगवंतपुरा की मन सिटी की जमीन और बनगुआ गांव की जमीन शामिल है। इसके अलावा दो दिन पूर्व उनके मकान पर कुर्की का नोटिस भी चस्पा किया गया था।
बताया जाता है कि पूर्व विधायक के खिलाफ करीब 65 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें डकैती, रंगदारी और अन्य गंभीर धाराएं शामिल हैं। पुलिस की सख्त घेराबंदी और लगातार कार्रवाई के बीच आखिरकार पूर्व विधायक ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।











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