भूमि विवाद में मारपीट व जातिसूचक गाली देने का आरोप, प्राथमिकी दर्ज होते ही हरकत में आया प्रशासन
झाँसी। रक्सा थाना क्षेत्र में भूमि विवाद को लेकर हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पीड़ित धर्मेंद्र चौधरी की तहरीर पर रक्सा थाना पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर मामले की विधिक जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के अनुसार “घटना 28 दिसंबर 2025 को दोपहर लगभग 2 बजे की है, जब वह अपनी भूमि पर मौजूद था। इसी दौरान गांव सिजवाहा निवासी शिशुपाल यादव, बृजेश यादव एवं एक अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए विवाद करने लगे। विरोध करने पर आरोप है कि लाठी-डंडों, लात-घूंसों व पत्थरों से मारपीट की गई, जिससे पीड़ित को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी देने की भी बात कही गई है।”
मामले की गंभीरता को देखते हुए रक्सा थाना पुलिस ने बिना देरी किए प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 352, 351(2), 351(3) के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(va) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रक्सा थाना पुलिस ने इस प्रकरण में संवेदनशीलता और निष्पक्षता का परिचय दिया है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर पीड़ित को भरोसा दिलाया गया कि कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कठोर कार्रवाई होगी।
पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही से क्षेत्र में यह संदेश गया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कितने ही प्रभावशाली क्यों न हों। आमजन ने भी पुलिस की सक्रियता की सराहना करते हुए इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। प्रशासनिक स्तर पर भी यह संकेत दिया गया है कि अनुसूचित जाति से जुड़े मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी और पीड़ित को न्याय दिलाने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।











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