झाँसी रेलवे स्टेशन की ऐतिहासिक हैरिटेज बिल्डिंग को ध्वस्त किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में शनिवार को शहर के प्रमुख सामाजिक, राजनीतिक एवं जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की। वर्धमान होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि विकास के नाम पर झांसी की ऐतिहासिक धरोहर को किसी भी कीमत पर गिरने नहीं दिया जाएगा।

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि झांसी रेलवे स्टेशन केवल एक यातायात केंद्र नहीं, बल्कि झांसी वासियों की भावनाओं और इतिहास से जुड़ी एक धरोहर है। बुजुर्ग बताते हैं कि वर्ष 1980 के आसपास स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों ने श्रमदान कर अपने पसीने से इस स्टेशन भवन को बनाया था। आज प्रशासन इसे तोड़ने पर आमादा है, जो जनभावनाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि विकास अवश्य होना चाहिए, लेकिन इसके नाम पर 180 मीटर लंबी इस ऐतिहासिक इमारत को ढहाना स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि रेलवे प्रशासन ने पूर्व में स्टेशन के नाम से ‘झांसी’ शब्द हटाया था, लेकिन जनता की आवाज पर उसे फिर से जोड़ा गया। इसी तरह रेलवे विभाग को झांसी की जनता की भावनाओं को समझते हुए इस धरोहर को सुरक्षित रखना चाहिए। मुम्बई, लखनऊ, इलाहाबाद सहित कई शहरों में पुराने रेलवे स्टेशनों का स्वरूप सुरक्षित रखा गया है, उसी तर्ज पर झांसी स्टेशन की इमारत को भी बचाया जाए।

पूर्व सांसद डा. चन्द्रपाल सिंह यादव ने कहा कि रेलवे के पास मालगोदाम की ओर पर्याप्त खाली भूमि उपलब्ध है, जहां नया निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इस मुद्दे को लेकर जन आंदोलन भी किया जाएगा और रेलवे अधिकारियों से मिलकर पुरजोर मांग रखी जाएगी।
बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय ने कहा कि विकास के नाम पर पुरानी धरोहर को तोड़ने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी सूरत में सफल नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए संघर्ष का रास्ता भी अपनाया जाएगा।वहीं बुन्देलखण्ड क्रान्ति दल के अध्यक्ष सत्येन्द्र पाल सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर सभी सामाजिक संगठन एकमत हैं। रेलवे स्टेशन की पुरानी इमारत को सुरक्षित रखते हुए खाली स्थान पर नया निर्माण कराया जाना चाहिए। इसके लिए रेलवे अधिकारियों, सांसदों एवं मंत्रियों से संपर्क कर जनता की मांग को उनके समक्ष रखा जाएगा।

प्रेसवार्ता में राजीव अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, घनश्याम कोरी, एडवोकेट बी.एल. भास्कर, पंकज रावत, अर्चना गुप्ता, मधुराज शर्मा, कैलाश नारायण, योगेन्द्र सिंह परीछा, नीलम सिंह सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष देशराज रिछारिया, पूर्व शहर अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन, मनीराम कुशवाहा, अंकुर मिश्रा, सर्व कुमार, अनिल कश्यप, युथुप जैन पिंकी, अखिलेश गुरूदेव, उत्कर्ष साहू, शभूं सेन, रजनीश श्रीवास्तव, अशोक कंसोरिया, नईम मंसूरी, गिरजा शंकर राय, एडवोकेट नीलम चौधरी, राम सिंह, एन.पी. सिंह, बलवीर सिंह यादव, शिवदयाल यादव, गोविन्द सोनकर, गोलू ठाकुर, रोशन, सिंकू, किदाल सिंह, अमित यादव, एड. सीपी यादव, रानी सिंह, राजू कुमार अग्रवाल, अनिल रिछारिया, गौरव अग्रवाल, धमेन्द्र यादव, अमीरचंद आर्य, मज़हर अली सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
प्रेसवार्ता के माध्यम से सभी संगठनों ने एक स्वर में मांग की कि झाँसी रेलवे स्टेशन की ऐतिहासिक हैरिटेज बिल्डिंग को संरक्षित किया जाए और विकास कार्य वैकल्पिक स्थान पर कराए











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