एड्स जागरूकता में युवाओं की भूमिका निर्णायक- सुनील सेन

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एड्स जागरूकता दिवस पर चित्रकला व पोस्टर प्रतियोगिता का हुआ सफल आयोजन

झाँसी। एड्स जागरूकता दिवस के अवसर पर रेड रिबन क्लब और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के संयुक्त तत्वावधान में ललित कला संस्थान में चित्रकला एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में एड्स के प्रति जागरूकता, वैज्ञानिक सोच और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देना था। कला के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाने की इस पहल को प्रतिभागियों और अतिथियों ने सराहा।

इस प्रतियोगिता में लगभग 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मकता, रंगबोध एवं सामाजिक चेतना से परिपूर्ण कलाकृतियों के माध्यम से एक सशक्त संदेश दिया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कलाकृतियाँ एड्स के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने, सुरक्षित जीवनशैली अपनाने तथा जागरूक समाज निर्माण का संदेश देती रहीं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुनील कुमार सेन उपकुलसचिव बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी ने अपने प्रभावशाली वक्तव्य में विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी समाज में परिवर्तन की सबसे सशक्त शक्ति है। एचआईवी/एड्स जैसी चुनौतीपूर्ण समस्या के प्रति जागरूकता तभी बढ़ेगी जब युवा इससे जुड़े गलत धारणाओं को दूर कर सकारात्मक संदेश आगे बढ़ाएँगे। आज की प्रतियोगिता में युवाओं ने कला को जागरूकता का माध्यम बनाकर अत्यंत सराहनीय योगदान दिया है।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. श्वेता पाण्डेय, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना ने विशेष रूप से रेड रिबन क्लब की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रेड रिबन क्लब का मुख्य उद्देश्य युवाओं में एचआईवी एड्स के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर सही जानकारी प्रदान करना है। आज की प्रतियोगिता इसी दिशा में एक सफल प्रयास सिद्ध हुई है। एनएसएस और रेड रिबन क्लब मिलकर लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, जो न केवल कला को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि छात्रों में सामाजिक दायित्व की भावना भी विकसित करते हैं।”

कार्यक्रम का संचालन कला अध्यापक गजेंद्र सिंह ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि कला समाज का दर्पण है और जब कला जागरूकता का माध्यम बनती है, तो उसका प्रभाव और भी व्यापक हो जाता है। छात्रों ने अपनी कल्पनाशक्ति का उपयोग कर जिस गंभीरता से विषय को प्रस्तुत किया है, वह अत्यंत सराहनीय है।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जागरूकता और सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमें आशा है कि यहाँ से दिया गया संदेश समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होगा।

इस कार्यक्रम में उस्मानी, दीपिका, आदर्श, आदेश, स्वेक्षा, दिव्य, नगमा, कोमल, शिखा, अलादीन, सबत खाल्दी, राजेंद्र सिंह , राघवेंद्र, सत्यम, ममता एवं अन्य उपस्तिथि रहे । पोस्टर एवं चित्रकला प्रतियोगिता की प्रविष्टियों का मूल्यांकन विशेषज्ञों की समिति द्वारा किया गया। विजेताओं के परिणाम शीघ्र घोषित किए जाएंगे। एड्स जागरूकता दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम कला, सामाजिक चेतना और युवा शक्ति के संगम का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा।

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