झाँसी। आज राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश कमलेश कच्छल द्वारा सरस्वती देवी माँ की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर शरद कुमार चौधरी, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झांसी एवं अन्य न्यायिक अधिकारी तथा बैंक अधिकारीगण उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के कुल 2,57,610 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें 247 वैवाहिक प्रकरण, 148 अन्य सिविल वाद, 9246 अन्य वाद, 8507 शमनीय आपराधिक वादों का निस्तारण कर 11,96,28,449/- रुपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किए गए। जनपद के विभिन्न राजस्व/दाण्डिक न्यायालयों द्वारा 249 राजस्व वाद, 1343 आपराधिक वाद, 9624 विद्युत उपभोक्ता वाद, 38 श्रम विवाद, 75728 जनहित गारंटी अधिनियम वाद निस्तारित किए गए। इसके अतिरिक्त 81,987,855/- रुपये की धनराशि से संबंधित 1282 बैंक ऋण एवं मोबाइल बिल से संबंधित 27 वाद प्रीलिटिगेशन वाद के रूप में निस्तारित किए गए।

विजय शंकर उपाध्याय, प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय झांसी द्वारा 199 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया गया। हरिश्चन्द्र, पीठासीन अधिकारी, अतिरिक्त पारिवारिक न्यायालय झांसी द्वारा 48 वाद, सुनील कुमार यादव, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-01 झांसी द्वारा 01 शमनीय वाद, नेत्रपाल सिंह, विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र झांसी द्वारा 01 शमनीय वाद, जितेन्द्र यादव, विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट झांसी द्वारा 320 शमनीय वाद, अनुभव द्विवेदी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी (ओएडब्ल्यू) झांसी द्वारा 01 विविध वाद, मनोज कुमार जाटव, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी (14 एफसी) झांसी द्वारा 01 वाद निस्तारित किया गया।
अनिल कुमार, सप्तम अपर सिविल जज (सीडी)/एसीजेएम प्रथम झांसी द्वारा 2045 वाद, ओमपाल सिंह, लघुवाद न्यायालय झांसी द्वारा 03 वाद, ईश्वर शरण कन्नौजिया, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट झांसी द्वारा 2559 वाद, मुन्नालाल, सिविल जज सीनियर डिवीजन झांसी द्वारा 34 वाद, रामगोपाल यादव, सिविल जज सीडी/एसीजेएम गरौठा द्वारा 701 वाद, सुमित परासर, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या-1 झांसी द्वारा 1957 वाद, अरुण क्रांति यशोदास, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-रेलवे झांसी द्वारा 1927 वाद निस्तारित किए गए।

इसी क्रम में हर्षिता सिंह, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) झांसी द्वारा 25 अन्य सिविल वाद, निदा जैदी, अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) गरौठा द्वारा 593 वाद, शिवम चौधरी, न्यायिक मजिस्ट्रेट मोंठ द्वारा 1352 वाद, अरुणा सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट मऊरानीपुर द्वारा 1356 वाद, अंकिता बौद्ध, सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी (सीएडब्ल्यू) झांसी द्वारा 1005 वाद, प्रेरणा यादव, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायालय संख्या-1 झांसी द्वारा 1257 वाद, खुशबू धनकर, सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी-14 एफसी झांसी द्वारा 856 वाद, अमन राय, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायालय संख्या-02 झांसी द्वारा 1515 वाद निस्तारित किए गए।
इसके अतिरिक्त श्रेयांश निगम, न्याय अधिकारी ग्राम न्यायालय टहरौली द्वारा 711 वाद, सूबा सिंह, पीठासीन अधिकारी अतिरिक्त न्यायालय झांसी द्वारा 23 वाद, मनोज खरे, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम झांसी द्वारा 214 वाद तथा नवल किशोर रजक, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय झांसी द्वारा 14 वाद निस्तारित किए गए। अंत में शरद कुमार चौधरी, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झांसी ने झांसी जनपद के नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहयोग के कारण राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड 2,57,610 वादों का निस्तारण संभव हो सका।











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