सीयूसीईटी 2026 पोर्टल लॉन्च, 50 करोड़ की स्कॉलरशिप से हजारों छात्रों को मिलेगा नया आसमान

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एआई, रिसर्च और इनोवेशन के दम पर उत्तर प्रदेश को ‘ग्लोबल नॉलेज हब’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम

झाँसी। शिक्षा केवल डिग्री नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली वह रोशनी है, जो सपनों को आकार देती है और समाज को नई पहचान। इसी सोच के साथ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने झाँसी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ‘सीयूसीईटी 2026’ एडमिशन एवं स्कॉलरशिप पोर्टल लॉन्च कर एक नई शैक्षिक पहल का ऐलान किया। विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 50 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप की घोषणा करते हुए प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के दरवाजे और भी व्यापक कर दिए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. अजय यादव ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश का पहला वर्ष उपलब्धियों, नवाचार और भरोसे का वर्ष रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उद्घाटन के बाद विश्वविद्यालय ने देश की पहली निजी एआई-आधारित मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी के रूप में बेहद कम समय में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।

एआई-सपोर्टेड स्मार्ट कैंपस से छात्रों को मिल रही नई दिशा– डॉ. अजय यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करना है। इसी सोच के तहत एआई-सपोर्टेड स्मार्ट कैंपस, हाईटेक लैब्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इंडस्ट्री से जुड़ा पाठ्यक्रम और मजबूत स्टार्टअप संस्कृति के जरिए युवाओं के लिए करियर-रेडी अवसरों के नए द्वार खोले गए हैं। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी में कैंपस टैंक, सीयू एआई स्पेस, माइक्रोसॉफ्ट एआई बूटकैम्प और 60 से अधिक नि:शुल्क हाई-डिमांड स्किल एवं क्रेडिट प्रोग्राम्स संचालित किए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को नई तकनीक, डिजिटल कौशल और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण मिल रहा है।

100 से अधिक कंपनियों के साथ गठबंधन, उद्योग से जुड़ेंगे छात्र- शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में विश्वविद्यालय ने 100 से अधिक कंपनियों के साथ कॉर्पोरेट एडवाइजरी बोर्ड का गठन किया है, ताकि छात्रों को इंडस्ट्री के अनुरूप तैयार किया जा सके। डॉ. यादव ने कहा कि छात्रों को स्कॉलरशिप और निरंतर प्रोत्साहन देकर आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे प्रतिभाशाली विद्यार्थी बिना आर्थिक बाधा के अपने सपनों तक पहुंच सकें।

रिसर्च की नई उड़ान: 22 पीएचडी प्रोग्राम्स से मजबूत होगा शोध-संस्कृति- डॉ. यादव ने बताया कि रिसर्च के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा 22 पीएचडी प्रोग्राम्स की शुरुआत की गई है, जिससे प्रदेश में रिसर्च कल्चर को नई दिशा और नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह पहल उत्तर प्रदेश को एआई, रिसर्च और इनोवेशन के मजबूत आधार पर आगे ले जाने में मदद करेगी।

सीयूसीईटी 2026’ पोर्टल लॉन्च, छात्रों को मिलेगा नया अवसर- इस कार्यक्रम में डॉ. शुभेंदु चक्रवर्ती (असिस्टेंट डीन – रिसर्च एंड डेवलपमेंट) एवं एसोसिएट प्रोफेसर ने ‘सीयूसीईटी 2026’ पोर्टल लॉन्च करते हुए बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में प्रवेश CUCET (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) में प्राप्त अंकों के आधार पर दिया जाता है।उन्होंने कहा कि इच्छुक विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। साथ ही अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18002701411 पर संपर्क किया जा सकता है।डॉ. शुभेंदु चक्रवर्ती ने कहा कि ‘सीयूसीईटी’ का उद्देश्य हजारों विद्यार्थियों के शैक्षणिक सपनों को साकार करना, आर्थिक बाधाओं को कम करना और नई पीढ़ी को रोजगार, एआई और उन्नत कौशल विकास के बेहतर अवसर प्रदान करना है।

शिक्षा से संस्कार, संस्कार से समाज निर्माण झाँसी की भूमि सिर्फ इतिहास नहीं, जागरण की पहचान भी है। यहां से उठी यह शैक्षिक पहल बताती है कि उत्तर प्रदेश अब केवल संभावनाओं का प्रदेश नहीं, बल्कि प्रतिभा, तकनीक और भविष्य निर्माण का केंद्र बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।‘सीयूसीईटी 2026’ और 50 करोड़ की स्कॉलरशिप योजना से हजारों छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, और शिक्षा की यह रोशनी आने वाले समय में प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भरता, नवाचार और वैश्विक पहचान की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

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